बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए चक्रवाती तूफान 'अर्णब' ने आंध्र प्रदेश के समुद्री तटों पर जोरदार दस्तक देते हुए भारी तबाही मचाई है। बुधवार की भोर में जब यह तूफान राज्य के तटों से टकराया, तो उसके बाद इसकी ताकत में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई, जिससे यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में एक सौ पच्चीस से डेढ़ सौ किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक रफ्तार से आंधी चली, जिसके कारण कई स्थानों पर भारी-भरकम पेड़ और बिजली के खंभे जमींदोज हो गए, यातायात मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और खेतों में लहलहाती फसलें तहस-नहस हो गईं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। वहीं, खराब मौसम के कारण बंगाल की खाड़ी में एक मालवाहक जहाज भी फंस गया। तूफान का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान है। 

छह घंटे तक जारी रही चक्रवात के तट पार करने की प्रक्रिया

चक्रवात अर्णब ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के केंद्रशासित प्रदेश यानम के बीच तट को पार किया। मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, तड़के करीब दो बजे से सुबह आठ बजे तक लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रही। इस दौरान तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। चक्रवात के प्रभाव से कई क्षेत्रों में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। निचले इलाकों में पानी भर गया और कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के चलते बिजली के खंभे गिरने से आपूर्ति बाधित हुई, जबकि कई इलाकों में संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, तट पार करने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और जलभराव की स्थिति बनी रह सकती है। 

14 जिलों में फसलों को हुआ नुकसान

आंध्र प्रदेश में चक्रवात के कारण कृषि और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि राज्य के 14 जिलों में 2.24 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान सहित अन्य खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। तेज हवा और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में करीब 15,000 बिजली के खंभे गिरने की जानकारी सामने आई है। नारियल के बागानों और दूसरी बागवानी फसलों को भी नुकसान हुआ है। चक्रवाती तूफान के तांडव से डॉ. बीआर आंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में भारी पैमाने पर तबाही हुई है, जहाँ बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए हैं। अकेले कोनसीमा जिले में ही लगभग तैंतीस हजार नारियल के पेड़ गिरने की गंभीर सूचना प्राप्त हुई है। इस आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए बिजली की आपूर्ति सुचारू करने और सड़कों पर फैले मलबे को हटाने का युद्धस्तर पर कार्य जारी है। इसके साथ ही, राज्य सरकार इस प्राकृतिक आपदा से हुए कुल नुकसान का आकलन करने में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द सभी पीड़ित परिवारों और प्रभावित किसानों तक उचित मुआवजा व राहत सामग्री पहुँचाई जा सके।

13 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

चक्रवात कमजोर होने के बावजूद भारी बारिश का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों के लिए मध्यम से उच्च स्तर की अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश होने से निचले इलाकों में पानी तेजी से भर सकता है और स्थानीय नदियों व नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पहले से चलाए गए राहत और बचाव अभियान के तहत तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।

आंध्र प्रदेश के अलावा इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

  • चक्रवात अर्णब का असर कई राज्यों में दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
  • ओडिशा और छत्तीसगढ़: 28 और 29 अक्टूबर को तेज बारिश हो सकती है।
  • तेलंगाना और विदर्भ: कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की आशंका है।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • बिहार: अगले दो से तीन दिनों तक कई इलाकों में बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

भारी और लगातार बारिश के चलते कई राज्यों के निचले और जल-भराव वाले क्षेत्रों में गंभीर रूप से पानी भरने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस संभावित खतरे को देखते हुए नागरिकों को यह विशेष सलाह दी गई है कि वे मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनियों पर पूरा ध्यान दें और सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

केंद्र से मदद मांगेगी आंध्र प्रदेश सरकार

चक्रवात से हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से सहायता मांगी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तूफान की तीव्रता और राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी। राज्य सरकार पहले प्रारंभिक आकलन भेजेगी और इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, सड़क और अन्य जरूरी सेवाओं को सामान्य करना है। इसके साथ ही चक्रवात से प्रभावित परिवारों को भोजन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई है। चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ने से तेज हवाओं के प्रकोप से कुछ राहत जरूर मिली है, किंतु मूसलाधार बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ का गंभीर संकट अभी भी टला नहीं है। ऐसे हालात में स्थानीय प्रशासन के समक्ष सबसे बड़ी और अहम चुनौती यही है कि वह आपदा प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्यों को अंजाम दे और जल्द से जल्द जनजीवन को पूरी तरह से सामान्य पटरी पर लेकर आए।