Azam Khan Bail News : समाजवादी पार्टी (SP) के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने 2 Pan Card रखने के केस में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर सजा निलंबित की। वैसे, कोर्ट ने उनकी दोष सिद्धि पर रोक की मांग खारिज की। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोनों पिता-पुत्र ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी। 15 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिसे आज न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने सुनाया।

क्या था निचली अदालत का फैसला?

पूरा कानूनी विवाद मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम द्वारा धोखाधड़ी के जरिए दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने और उनके इस्तेमाल से जुड़ा है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने 2019 में रामपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसके बाद रामपुर की MP-MLA सेशन कोर्ट ने इस साल 23 मई को आजम की सजा बढ़ा 10 वर्ष कर दी थी। अब्दुल्ला आजम की सजा 7 साल बरकरार रखी थी। दोनों सजा काट रहे थे। इसके खिलाफ कोर्ट में 2 याचिकाएं दी गई थीं।

क्या थे मुख्य आरोप?

आजम के पास अलग-अलग जन्म तारीखों वाले 4 पैन कार्ड थे। पहले में उनकी जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 है। इसका इस्तेमाल वे बैंक खातों व व्यावसायिक कार्यों के लिए करते थे। दूसरे में जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 है। आरोप के मुताबिक इस कार्ड का इस्तेमाल उन्होंने 2017 UP विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्र पात्रता पूरा दिखाने को किया था।

जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियां अटैच

एक अन्य मामले आजम की मुश्किलें बढ़ रहीं। बीते कल यानी 28 अक्टूबर को उनकी जौहर यूनिवर्सिटी पर ईडी ने कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी की 426 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई और 1170 करोड़ बाजार कीमत आंकी गई। ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अटैच करने की कार्रवाई की।