दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की रैली के लिए विपक्षी कार्यकर्ता जुटने लगे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समर्थकों से दोपहर 12 बजे कनॉट प्लेस से मार्च में शामिल होने या सीधे रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं।
राहुल गांधी की ‘चलो दिल्ली’ अपील
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लोगों से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत रैली में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने समर्थकों को कनॉट प्लेस से मार्च करने या सीधे रामलीला मैदान पहुंचने का विकल्प दिया। विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के इस मार्च के दोपहर में शुरू होने की योजना है। कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
INDIA ब्लॉक का आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। विपक्षी दल SIR के दौरान कथित तौर पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने कथित मतदाता विलोपन पर जवाब मांगा, जबकि समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने विपक्ष के आरोपों पर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण देने की मांग की। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा। ये विपक्षी नेताओं के आरोप और राजनीतिक मांगें हैं।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मैदान में लगभग 45 से 50 हजार लोगों के जुटने की क्षमता है। भीड़ अधिक होने पर आसपास की सड़कों पर भी लोगों को संभालने की व्यवस्था की जा सकती है।
रैली के साथ कारोबार पर भी चर्चा
रैली से पहले दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने बाजारों में संभावित जाम और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई थी। इसके जवाब में राहुल गांधी ने रैली में आने वाले लोगों से स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और मार्च के साथ बाजारों से खरीदारी करने पर व्यापारियों को भी मदद मिल सकती है। रैली को लेकर विपक्ष और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज है। जहां INDIA ब्लॉक इसे मतदाता अधिकारों और चुनावी जवाबदेही से जुड़ा अभियान बता रहा है, वहीं बीजेपी ने आयोजन और उसके समय पर सवाल उठाए हैं।