पड़ोसी देश भूटान में ग्लेशियर झील फटने की घटना के बाद पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। गुरुवार रात भूटान के गासा जिले में स्थित शिंताफू ग्लेशियर झील से अचानक पानी निकलने लगा। इसके बाद संकोश नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया। एहतियात के तौर पर पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में नदी किनारे रहने वाले करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भूटान में झील से निकला पानी मो छू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ा। रात में पानी के तक्तसिमाखांग क्षेत्र तक पहुंचने की सूचना मिली। इस घटना के बाद भारतीय प्रशासन ने निचले और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। 

चार ग्राम पंचायतों के लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया

अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी के आसपास स्थित भलका-1, भलका-2, चेंगमारी और लैंड ग्राम पंचायतों के करीब 15 हजार लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों को निचले इलाकों से दूर रहने और नदी के जलस्तर पर नजर रखने की सलाह दी है। अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शाह के मुताबिक, करीब 4 से 5 हजार लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, जबकि 6 हजार से अधिक लोगों को ऊंचाई वाले सुरक्षित इलाकों में भेजा गया। लोगों के लिए स्कूलों और अन्य सार्वजनिक भवनों में अस्थायी राहत केंद्र बनाए गए हैं। 

NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम को तैनात किया गया है, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को भी मौके के लिए रवाना किया गया। सिविल डिफेंस के कर्मचारी भी राहत कार्यों में लगाए गए हैं। राहत शिविरों में लोगों के लिए पीने का पानी, सूखा राशन और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन भूटान के अधिकारियों के संपर्क में रहकर नदी के जलस्तर और पानी के बहाव की निगरानी कर रहा है। 

संकोश नदी के लिए रेड अलर्ट, असम में भी सतर्कता

संकोश नदी और उसके आसपास के इलाकों में संभावित जलस्तर बढ़ने को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार के साथ असम के धुबरी जिले में भी प्रशासन सतर्क है। नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पानी के साथ लकड़ी के बड़े टुकड़े और अन्य मलबा भी बहकर आ सकता है। इसलिए लोगों को नदी के पास जाने से बचने और जलस्तर में बदलाव दिखने पर तुरंत अधिकारियों को सूचना देने को कहा गया है। 

भूटान में भी बाढ़ से नुकसान, फिलहाल किसी की मौत नहीं

ग्लेशियर झील से निकले पानी के कारण भूटान के गासा छाचू क्षेत्र में स्थित गर्म पानी के झरने से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है। कुछ बुनियादी ढांचे और रास्ते प्रभावित हुए हैं। हालांकि, पहले से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने के कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। भारत और भूटान, दोनों देशों के अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी किनारे बसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम करना है।