एक तरफ दिल्ली में जहां कांग्रेस समेत विपक्ष दलों के सांसद ज्ञानेश कुमार के खिलाफ धरना दे रहे थे, तो दूसरी तरफ बैंगलुरू के फ्रीडम पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में वोटचोरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रोटेस्ट में सीजेपी के संस्थापक अभिजित दीपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और मशहूर अभिनेता प्रकाश राज भी सम्मिलित हुए। प्रदर्शन की शुरुआत अभिजित दीपके के भाषण से हुई।
दीपके का सरकार पर हमला
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन पर वोटचोरी का आरोप लगाया। उन्होंने SIR रद्द करने की मांग उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने जिंदा लोगों को मृत घोषित कर दिया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश में वन नेशन, वन इलेक्शन का नारा भले ही देती हो लेकिन उसका मकसद वन पार्टी- वन नेशन है।
दीपके ने दावा किया कि 2024 के आम चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस के बीच महज 2 फीसदी का अंतर था ऐसे में बीजेपी की जीत हैरान कर देने वाली थी। जबकि बीजेपी 400 पार का दावा कर रही थी। दीपके अन दिनों बार-बार पं. जवाहरलाल नेहरू की तारीफ करते नज़र आते हैं। उन्होंने आज भी दोहराया की नेहरू ने देश में उन लोगों को भी मताधिकार दिया, जो इसकी अहमियत जानते तक नहीं थे।
प्रकाश राज भी हुए शामिल
इस मौके पर प्रकाश राज ने कहा कि पहले जनता तय करती थी कि सरकार कौन बनाएगा। अब सरकार तय करती है कि वोट कौन देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम हटाना महज एक आंकड़ा नहीं है, इसमें एक खास किस्म का पैटर्न दिखाई पड़ता है। इसमें साफ नज़र आता है कि अल्पसंख्यक, दलित,पिछड़े और आदिवासियों से मतदान का अधिकार छीना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से हालात नहीं बदलेंगे। एसआईआऱ रद्द किया जाना चाहिए और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
क्या है कॉकरोचों की मांग
इस मौके पर कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगें साफ तौर पर सामने रखी। जिनमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, आने वाले सभी चुनाव रोक कर जनवरी,2025 की वोटर लिस्ट को आधार बनाने, एसआईआर प्रक्रिया को बंद कर जांच कमेटी बनाने और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए 2023 में बनाए कानून को रद्द कर नया कानून लाने की मांग रखी गई है।
ध्रुव राठी की मौजूदगी
मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी भी बैंगलो में आयोजित सीजेपी के इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए। ध्रुव राठी ने कहा कि वो सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पार्दर्शिता और जवाबदेही की मांग लेकर इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।