देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में शनिवार देर रात गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी खबर है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR में बारिश से बदला मौसम

दिल्ली-NCR में शनिवार रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और गरज-चमक ने तापमान नीचे ला दिया। नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी सूचना मिली। मौसम में आए बदलाव के बाद रविवार को राजधानी में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अक्टूबर को दिल्ली में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। रात में बारिश के बाद दिन के समय लगातार वर्षा होने के आसार कम हैं।

बारिश के बाद दिल्ली की हवा में भी सुधार

बारिश के बाद दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को AQI 191 रहा, जबकि एक दिन पहले यह 230 था। 191 का स्तर अब भी 'मध्यम' श्रेणी में आता है और प्रदूषण को लेकर सतर्कता जरूरी है। बारिश और तेज हवाएं हवा में मौजूद कुछ प्रदूषक कणों को कम करने या फैलाने में मदद कर सकती हैं। लेकिन प्रदूषण का स्तर आगे भी कितना कम रहेगा, यह हवा की गति और प्रदूषण के स्रोतों पर निर्भर करेगा। 

यूपी और हरियाणा में भी मौसम का असर

दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बारिश हुई। हरियाणा के हिसार में तेज बारिश होने की जानकारी सामने आई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट से लोगों को राहत मिली है। अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव अलग हो सकता है। लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह के अनुसार ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। 

तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका

बंगाल की खाड़ी में एक मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है, जिसके आने वाले कुछ दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिस्टम 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और 28 अक्टूबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा दक्षिणी ओडिशा के तट के पास पहुंच सकता है। इस सिस्टम की दिशा और तीव्रता के आधार पर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम पर असर पड़ सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर मौसम विभाग की आगामी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम के असर से ओडिशा के तटीय और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है। राज्य प्रशासन ने संभावित परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की है। समुद्र में तेज हवाओं और खराब मौसम की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। 

तमिलनाडु और केरल में भी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने से तमिलनाडु, केरल और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश का असर दिख सकता है। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय भी सावधानी बरतने की जरूरत है। 

अगले कुछ दिनों तक मौसम पर रहेगी नजर

उत्तर भारत में बारिश के बाद फिलहाल तापमान में गिरावट से राहत मिली है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी भारत में विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम के कारण बारिश का दौर तेज हो सकता है। चक्रवाती सिस्टम की दिशा और उसकी तीव्रता में बदलाव संभव है। इसलिए राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अंतिम स्थिति मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान से ही स्पष्ट होगी।