INDIA Bloc Mock Parliament News : नई दिल्ली स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास में आज यानी 31 अक्टूबर 2026 को लोकसभा की तर्ज पर आयोजित विशेष मॉक संसद (प्रतीकात्मक संसद) में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि SIR के माध्यम से 13.3 करोड़ यानी 15% मतदाताओं के नाम हटाए गए। इनमें से कई लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान किया था। उस चुनाव में जीत का अंतर केवल 3% वोट था। मॉक संसद की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार कीं। इसमें कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों के दिग्गज नेता और सांसद शामिल हैं, जो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनमहाभियोग लाने के लिए अपनी बात रखे। यह कार्यक्रम शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर 2026 को होना था। मगर, बारिश के कारण टाल दिया गया था।
नया पॉलिटिकल हथियार तैयार हो रहा: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि हम चेतावनी दे रहे चीजें बदल रहीं। यहां नया पॉलिटिकल हथियार तैयार हो रहा। हम दुश्मन नहीं है, पर हम देश और संविधान की आवाज को उठाएंगे। उसकी रक्षा करेंगे। जनता हमारी ताकत हैं। यह परीक्षा सरकार की है। ज्ञानेश सोच रहे कि मोदी-शाह उन्हें बचा लेंगे तो देखिए देश में क्या हो रहा। लोगों का मिजाज क्या है? आप लगे रहें वोट चोरी कराने में। मैं गारंटी देता हूं कि जो लोग सड़कों पर हैं, वे कभी नहीं भूलेंगे कि आपने उनके साथ क्या किया। थोड़ा करप्शन किया, स्कैम किया और हो गया। आपने देश की आत्मा पर हमला किया है और हम इसके लिए आपको छोड़ेगे नहीं। राज्यसभा लोकसभा में आप हमें बोलने नहीं देते, लेकिन आज हम यहां हैं तो हम जनता के सपोर्ट के कारण खड़े हैं।
मताधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी: नासिर
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के नासिर असलम ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वो हर नागरिक मताधिकार की रक्षा करे। निष्पक्ष चुनाव कराए और हर पार्टी को समान नजर से देखे। मगर, बदकिस्मती से आज इनमें से कुछ भी नजर नहीं आता है, इसलिए हमें मिलकर आवाज उठानी होगी, साथ में खड़ा रहना पड़ेगा।
TMC मोइत्रा ने क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए नामों में 71% मुस्लिम और 51% महिलाएं हैं। उन्होंने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर लोगों के मतदान के अधिकार को कमजोर करने का आरोप लगाया। TMC सांसद सागरिका घोष ने कहा, बंगाल विधानसभा चुनाव चोरी किया गया। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाने के मामले में मोदी सरकार के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया।
CPI सांसद ने क्या बोले?
CPI सांसद पी संतोष कुमार ने कहा कि भारत बेहद महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा। हमें सुनिश्चित करना होगा कि लोकतंत्र कायम रहे। इसके लिए ज्ञानेश कुमार और उनके सहयोगियों को जाना होगा। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि जिन्होंने इस देश के लोगों की इज्जत नहीं की, न आजादी की इज्जत की। उन्हें न सिर्फ महाभियोग से हटाया जाएगा, बल्कि जेल में भी डाला जाएगा। SIR साजिश है, लोकतंत्र को बर्बाद करने की।
मल्लिकार्जुन खरगे और मीरा कुमार के तीखे तेवर
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि हमारा भारतीय प्रजातंत्र पूरी तरह से समता के सिद्धांत पर टिका है। देश के हर एक वयस्क नागरिक को बिना भेदभाव वोट देने का समान अधिकार मिला हुआ है। लोकतंत्र चुनाव की ताकत से आगे बढ़ता है और इस चुनाव की असली ताकत के केंद्र में मतदाता की आत्मा बसती है। मीरा कुमार ने कहा कि पिछले कुछ साल से यह देखने को मिल रहा कि जिन योग्य नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में होने चाहिए, उनके नाम साजिश के तहत अनुचित तरीके से काटे जा रहे हैं। आपने देखा है पिछले कुछ साल में जिन्हें वोट देना चाहिए, उनके नाम वोटर लिस्ट से अनुचित ढंग से काटे जा रहे हैं। जब इंडिया ब्लॉक द्वारा इस पर सवाल उठाए जाते हैं तो चुनाव आयोग की ओर से पारदर्शिता नहीं दिखाई जाती और न कोई स्पष्ट जवाबदेही मिलती है। इसी मनमानी के खिलाफ ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने का यह अहम फैसला लिया गया है
CEC से निजी दुश्मनी नहीं: खरगे
खरगे ने कहा कि आज से ठीक 7 महीने पहले विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में रखा था, लेकिन हमारे उन नोटिसों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया गया। उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज हम लोकतंत्र को बचाने के लिए फिर से यह प्रस्ताव लेकर आए हैं। हमारी चुनाव आयोग (CEC) से कोई निजी दुश्मनी नहीं है।
महाराष्ट्र में गलत तरीके से वोटर लिस्ट में जोड़े 40 लाख नाम: खरगे
खरगे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां चुनाव के दौरान 40 लाख नए नाम चुपचाप जोड़ दिए गए। इससे पूरा चुनाव परिणाम ही पलट गया। SIR प्रक्रिया के दौरान सामान्य से 5 गुना ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। यह सारा काम ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मिलीभगत से किया जा रहा। कर्नाटक में भी बिल्कुल यही फॉर्मूला अपनाया गया। राहुल गांधी ने देश के सामने चुनावों में हुई गड़बड़ी का पूरा नक्शा रखा था। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से समझाया था कि आखिर फर्जीवाड़ा कहां-कहां हुआ है। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग से 18 बार आधिकारिक तौर पर जानकारी मांगी गई, लेकिन अब तक एक का भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
'वोट चोरी से लेकर सांसद चोरी तक, मोदी सरकार ने रची हर साजिश'
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता पर हर हाल में काबिज रहने के लिए कई तरह की साजिशें रची हैं। चुनावी बॉन्ड, विधायकों-सांसदों की खरीद-फरोख्त (सांसद चोरी) और अब सीधे जनता के वोटों की चोरी-इन सबके हमारे पास सैकड़ों पुख्ता उदाहरण मौजूद हैं।
आम लोगों ने क्या कहा?
दिल्ली की अनीता जायसवाल ने कहा कि मैं दिहाड़ी मजदूर और सिंगल मदर हूं। सरकार ने मेरा वोटर आईडी कार्ड काटा। इस पहचान पत्र से मैंने आधार कार्ड बनाया है। स्कूल में बेटी को स्कॉलरशिप मिका वोटर लिस्ट में नाम कट गया। सब बंद हो जाएगा। आप साबित करें मैं किस देश की नागरिक हूं। कार्यक्रम में शामिल बंगाल के इफ्तिकार ने कहा कि मेरे पिता 50 साल से वोट दे रहे थे। मेरा कार्ड वहीं का है। मेरे पास सभी कागज हैं। मैंने एजुकेशन के सर्टिफिकेट भी जमा किए। मैं यहां सिर्फ खुद के लिए नहीं आया हूं। जानबूझकर जिनका नाम हटाया गया। ज्ञानेश कुमार जो इसके पीछे मास्टरमाइंड हैं, उनको हटाया जाए।
क्या होता है पब्लिक महाभियोग और पुराना इतिहास?
राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि पब्लिक महाभियोग ऐसा मंच या विरोध का तरीका है, जिसके माध्यम से जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर आसीन ऊंचे पद वाले व्यक्ति के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हैं। इससे ठीक 16 साल पहले यानी 20 अगस्त 2010 को भी लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद 70 सांसदों ने संसद के बाहर अपनी खुद की मॉक पार्लियामेंट चलाई थी। उसमें लालू प्रधानमंत्री बने थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने स्पीकर की कुर्सी संभाली थी। कीर्ति आजाद नेता प्रतिपक्ष बने थे। उस समय सांसदों ने मेडिकल काउंसिल संशोधन विधेयक बिना चर्चा के पारित किए जाने तथा सांसदों के वेतन भत्तों जैसे मुद्दों पर जोरदार विरोध जताया था।